सेहत मंत्री का नई ड्रग्स पॉलिसी को लेकर बड़ा बयान

1978
Pharmacy, Medical Store
Picture: Pixabay

Last Updated on December 17, 2019 by The Health Master

 पंजाब कैमिस्ट एसोसिएशन (पीसीए), एफडीए पंजाब की बैठक आज चंडीगढ़ में सौहार्दपूर्ण माहौल में बड़ी राहत वाली रही। इस बैठक में कमिश्नर एफडीए व सेहत मंत्री की उपस्थिति सार्थक परिणाम वाली बन गई।

पीसीए द्वारा दवा व्यवसाइयों की लगभग सभी मांगों पर सेहत मंत्री बलबीर सिंह संधू ने सहमति व उचित ठहराते हुए नई ड्रग्स पॉलिसी में बदलाव का आश्वासन दिया, जिससे पीसीए पदाधिकारी गदगद दिखे। सेहत मंत्री संधू ने नशे के कारोबार से दवा व्यवसाइयों को अछूता रखने की मांग की, जिस पर पीसीए के पदाधिकारियों ने एक आवाज में सरकार के साथ खड़े होने का भरोसा दिलवाया। उन्होंने नशा कारोबारी का साथ न देने की बात कहते हुए खुलासा किया कि दवा व्यवसाइयों के पास नौकरी करने वाले पूर्व कर्मचारी ऐसे गलत काम करते हैं न कि दवा व्यवसाई। सेहत मंत्री बीएस संधू ने पीसीए की एकजुटता को सराहा।

स्वीकृत होने वाली मांगों में डिप्लोमा या बैचलर इन फार्मेसी आवेदक को बिना देरी के ड्रग्स लाइसेंस देने, 5 वर्ष के अनुभवी को बिना दाग पार्टनरशिप को व्यापार बढ़ाने के मन से दूसरी दुकान खोलने, पार्टनर की मृत्यु के चलते व्यापार में बिना व्यवधान दुकान के अधिनियमों (कॉन्स्टिट्यूशन) बदलाव की अनुमति अविलम्ब करने, 10 वर्ष के अनुभवी को ईपी बनाया जाएगा, किराये की दुकान से अपनी दुकान या किराये की दुकान मालिक से अनबन के चलते नई दुकान में स्थानांतरण यथाशीघ्र किया जाए, जनऔषधि केन्द्रों पर सरकार द्वारा जारी दवा सूची से बाहर दवा न बिके, इसको सुनिश्चित किया जाएगा, बायोमीट्रिक उपस्थिति को वापस लिया गया।

इस बैठक में राज्य औषधि नियंत्रक प्रदीप मट्टू, कमिश्नर एफडीए सरदार पन्नू, सेहत मंत्री बलबीर सिंह संधू, पीसीए प्रदेशाध्यक्ष सुरेन्द्र दुग्गल, प्रदेशमहासचिव जीएस चावला, कोषाध्यक्ष अमरदीप सिंह, सुदर्शन चौधरी व सभी जिलों के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे।