15 करोड़ की नशीली दवा बरामद, NDPS में मामला registered

पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक देवी नगर पावंटा साहिब जिला सिरमौर निवासी मनीष मोहन को काबू कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।

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Police Arrest
Picture: Pixabay

अमृतसर : हिमाचल प्रदेश के पावंटा साहिब इलाके में अमृतसर देहाती पुलिस ने एक दवा फैक्ट्री पर दबिश देकर 15 करोड़ की नशीली दवाएं बरामद की हैं।

पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक देवी नगर पावंटा साहिब जिला सिरमौर निवासी मनीष मोहन को काबू कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।

एसएसपी ध्रुव दहिया ने बताया कि आरोपित से पूछताछ की जा रही है। प्राथमिक जांच में आरोपित मालिक के रिकार्ड से दिल्ली, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई दवा कारोबारियों के कांटैक्ट नंबर मिले हैं। हालांकि कई दवा खरीद करने वाले कारोबारियों के नाम फर्जी पाए गए हैं।

आरोपित मालिक फर्जी कंपनियों के नाम पर नशीली दवाओं की सप्लाई करता रहा। वह जितना आर्डर आता था, उससे अधिक उत्पादन कर उन्हें तीन गुणा दाम पर बेच रहा था। उधर, डीजीपी कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि इस फैक्ट्री से 12.45 लाख ट्रामाडोल के कैप्सूल, 7.72 लाख ट्रामाडोल की गोलियां, 9.99 लाख अल्पराजालोम की गोलियां बरामद की गई हैं।

Medicine capsule
Picture: Unsplash

पुलिस के मुताबिक अमृतसर देहाती के मत्तेवाल थाने की पुलिस ने बीती 18 मई की रात तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे पचास हजार नशीली गोलियां बरामद की थी। आरोपितों ने पूछताछ में बताया था कि नशे की खेप वह हिमाचल प्रदेश में पावंटा साहिब की एक फैक्ट्री से खरीदकर लाए हैं।

इसके बाद अमृतसर देहाती पुलिस ने आला अधिकारियों को इसके बारे में जानकारी दी और हिमाचल स्थित दवा फैक्ट्री में छापा मारने की इजाजत ली। एसएसपी ने बताया कि उन्होंने नशीली दवाएं बनाने वाली फैक्ट्री का सारा रिकार्ड, कंपनी का कंप्यूटर, मालिक मनीष मोहन का लैपटाप और अन्य दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस को मालिक ने धमकाया, पूर्व सीएम का पोता है उसका पार्टनर

जैसे ही अमृतसर देहाती पुलिस की टीम ने आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ करनी चाही तो स्थानीय नेताओं के फोन आने शुरू हो गए। आरोपित ने पुलिस को धमकाया कि यह फैक्ट्री हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के पोते की है। वह उसके साथ फैक्ट्री में पार्टनर है।

यह जानकारी मिलते ही पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों ने अपने स्तर पर जांच शुरू की। पता चला कि मनीष मोहन जिस जगह पर फैक्ट्री चला रहा था वह हिमाचल के पूर्व सीएम के किसी रिश्तेदार की जगह पर है। आरोपित ने जगह किराये पर लेकर वहां दवा बनाने का प्लांट लगाया था।


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