Last Updated on October 23, 2024 by The Health Master
गुरुग्राम। गुरुग्राम व फरीदाबाद जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मिलकर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित वरदान अस्पताल में भ्रूण लिग जांच करने वाले चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक फरार हो गया।
रात में की गई छापेमारी में स्वास्थ्य विभाग ने जितेंद्र, सचिन, केशव, मनोज के खिलाफ गुरुग्राम सिविल लाइन पुलिस थाने में पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है।
भ्रूण लिग जांच करने वालों को पकडऩे वाली टीम में गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग से डॉ. अनिल गुप्ता, डॉ. सुशीला यादव व गुरुग्राम जिले के ड्रग्स कंट्रोलर ऑफिसर अमनदीप चौहान टीम में शामिल थे
फरीदाबाद स्वास्थ्य विभाग से डॉ. संजीव भगत, डॉ. मान सिंह, डॉ.स्मृति धामी, डॉ. हर्ष और फरीदाबाद जिले के ड्रग्स कंट्रोलर ऑफिसर संदीप, नायब तहसीलदार राजेंद्र सिंह, एसआई अजीत सिंह, कांस्टेबल राजेश कुमार व सुनीता टीम में शामिल थी।
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सिविल सर्जन डॉ. जसवंत सिंह पूनिया ने कहा कि फरीदाबाद स्वास्थ्य विभाग टीम को सूचना मिली थी कि गुरुग्राम में झाड़सा रोड स्थित निजी अस्पताल में काम करने वाले लैब टेक्निशियन आनंद नामक का व्यक्ति भ्रूण लिग जांच कराता है।
इस पर एक गर्भवती महिला को आनंद से संपर्क करने को कहा। आनंद ने जांच कराने के लिए 50 हजार रुपये मांगे।
जब महिला ने आनंद को 50 हजार रुपये दे दिए, तो आनंद ने उसे जांच कराने के लिए गाजियाबाद स्थित विजय नगर में वरदान अस्पताल में भेजा।
वहां पहुंचने के बाद महिला ने डॉ. जितेंद्र से संपर्क किया। जब स्वास्थ्य टीम अंदर गई तो जितेंद्र अल्ट्रासाउंड करने वाली मशीन को लेकर मौके से भाग चुका था।
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टीम ने आनंद को दिए 50 हजार रुपये बरामद कर लिए।
डॉ. जसवंत ने कहा कि गाजियाबाद प्रशासन के सहयोग नहीं करने से पुलिस में मामला गुरुग्राम में दर्ज कराना पड़ा।
इसमें आनंद, सचिन, केशव तथा मनोज पुलिस की हिरासत में हैं और जितेंद्र फरार है।








