Honey beats antibiotics: दवा से ज्यादा असरदार है शहद: Oxford university

Honey beats antibiotics: honey is more effective than medicine: Oxford university

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Honey Food
Picture: Pixabay

Last Updated on July 6, 2022 by The Health Master

दवा से ज्यादा असरदार है शहद

नई दिल्ली: सदियों से हमारे यहां शहद को सर्दी, खांसी में असरदार माना जाता है। शहद में अदरक और तुलसी का इस्तेमाल दादी मां धड़ल्ले से करती आ रही हैं।

ऐसी कई आयुर्वेदिक चीजों से हमारे देश में विभिन्न बीमारियों का इलाज किया जाता है। अब भारतीय आयुर्वेद का डंका दुनिया में भी बजने लगा है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने अपने शोध के आधार पर यह साबित किया है कि सर्दी खांसी में एंटीबायोटिक दवाइयों से कहीं ज्यादा शहद असरदार है।

उन्होंने यहां तक कहा है कि अगर सर्दी खांसी में एंटीबायोटिक खाने के बारे में सोचते है तो इस विचार को भूल जाइए, इसके बदले आप शहद लीजिए।

शहद एंटीबायोटिक दवाइयों से ज्यादा असरदार है। हालांकि लंबे समय से गले की खरांश, खांसी या मामूली सर्दी भी है तो भारत के आमजन शहद का इस्तेमाल करते हैं। 

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने कहा है कि डॉक्टरों को अपने मरीजों से एंटीबायोटिक दवा देने के बजाय एक चम्मच शहद लेने की सलाह देनी चाहिए।

शहद में एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद

विशेषज्ञों ने कहा है कि शहद में एंटीबैक्टीरियल रेजिस्टेंस गुण है यानी बैक्टीरिया को खत्म करने वाला गुण है।

ऑक्सफोर्ड के विशेषज्ञों ने अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूआरटीआई) यानी ऊपरी श्वसन से संबंधित संक्रमण में शहद के प्रभावी होने के पिछले कई अध्ययनों की तुलना की है।

इसके बाद पाया कि शहद एंटीबायोटिक दवा से कहीं ज्यादा कारगर साबित हो रहा है।

सामान्यतया शहद में सर्दी, खांसी, गले में जलन या गले में भारीपन को खत्म करने के लिए उत्तम माना जाता है।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि इन बीमारियों में जहां दवा लेने पर इसके कई साइड इफेक्ट हैं, वहीं शहद का कोई साइड इफेक्ट नहीं है।

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एंटीबायोटिक से 36 प्रतिशत ज्यादा असरदार

शोध में पाया गया कि खांसी में एंटीबायोटिक दवा की तुलना में शहद में 36 प्रतिशत ज्यादा सही करने की क्षमता है। इसके अलावा शहद गंभीर कफ होने की आशंका को 44 प्रतिशत तक कम करता है।

इसके अलावा यह भी पाया गया सर्दी खांसी को सही करने में जितना समय दवा लेती है उससे कहीं कम समय शहद लेता है। गंभीर खांसी के दौरान भी अगर शहद को नियमित लिया जाए तो यह दो दिन के अंदर इसे सही करने की क्षमता रखता है।

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित इस शोध में कहा गया है कि शहद में ऐसे कई गुण मौजूद हैं जिससे यह सर्दी खांसी के लक्षण को कम करता है, बार-बार सर्दी खांसी होने से रोकता है और गंभीर खांसी भी नहीं होने देता।

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