Stress से Diabetes के रोगियों को क्यों रहना होगा सावधान

Why Diabetes patients need to be careful with stress

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Picture: Pixabay

Last Updated on November 1, 2022 by The Health Master

डायबिटीज यानी मधुमेह (Diabetes) एक ऐसी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति के खून में मौजूद ग्लूकोज या शुगर का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है.

भोजन करने पर ग्लूकोज मिलता है और इंसुलिन (Insulin) नामक हार्मोन इस ग्लूकोज को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाने में सहायता करता है, इससे शरीर को एनर्जी मिलती है.

व्यक्ति को अगर टाइप 2 डायबिटीज (Type 2 diabetes) है, तो उसका शरीर या तो इंसुलिन बनाता नहीं है या उसका सही से इस्तेमाल नहीं करता है.

डायबिटीज में ये प्रकार सबसे आम है. कुछ लोग स्वस्थ आहार और व्यायाम के जरिए ब्लड शुगर (Blood sugar) को नियंत्रित रखते हैं, वहीं अन्य लोगों को इलाज या इंसुलिन की मदद से इसका प्रबंधन करने की आवश्यकता होती है.

टाइप 2 डायबिटीज वाले अधिकांश लोग रोजाना व्यायाम, स्वस्थ आहार और पर्याप्त मात्रा में आराम करते हैं, लेकिन वे भूल जाते हैं कि इसमें तनाव से मुक्त रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है.

एक अध्ययन में शोधकर्ताओं का कहना है कि तनाव से राहत डायबिटीज के प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण घटक है. तनाव से कई माध्यमों से राहत मिल सकती है जैसे योग, पैदल चलना या किताब पढ़ना इत्यादि.

ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के इस अध्ययन के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल और ब्लड शुगर की अधिकता के बीच एक स्पष्ट संबंध पाया गया है.

पहले हुए एक शोध से पता चला है कि तनाव और अवसाद ‘कोर्टिसोल प्रोफाइल’ में गड़बड़ी की वजह से होता है. जर्नल साइकोन्यूरोएंडोक्रिनोलॉजी ने इस अध्ययन को प्रकाशित किया है.

शोधकर्ताओं के मुताबिक, स्वस्थ लोगों में कोर्टिसोल दिनभर में प्राकृतिक रूप से ऊपर-नीचे होता है.

सुबह बढ़ जाता है और रात में इसका स्तर गिरता है, लेकिन टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों के साथ कोर्टिसोल प्रोफाइल दिनभर एक समान था और उनमें ग्लूकोज का स्तर बहुत ज्यादा था.

प्रतिभागियों में कोर्टिसोल का स्तर एक समान होने की वजह से ब्लड शुगर को नियंत्रित करने और बीमारी के प्रबंधन में कठिनाई आती है.

यही कारण है कि टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों के लिए तनाव को कम करने के उपाय खोजना बहुत जरूरी है.


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शोधकर्ताओं ने अब यह जांचने के लिए एक नया परीक्षण शुरू किया है कि क्या माइंडफुलनेस प्रैक्टिस (हमेशा खुश रहना) टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों में ब्लड शुगर को कम कर सकती है?

इसलिए ऐसी चीजें, जिनसे खुशी मिलती हो उन्हें रोजमर्रा का हिस्सा बनाना चाहिए. ग्लूकोज के स्तर के साथ कोर्टिसोल का संबंध केवल डायबिटीज वाले लोगों में देखा गया था.

शोधकर्ताओं का मानना है कि स्ट्रेस हार्मोन (Stress hormone) डायबिटीज की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, इसीलिए वे कोर्टिसोल, डायबिटीज और हृदय रोग के बीच संबंध पर शोध करना जारी रखते हैं.

तनाव दूर करने के लिए व्यायाम करें क्योंकि यह शरीर में एंडोर्फिन को रिलीज करता है जिसे अच्छा महसूस करवाने वाला हार्मोन भी कहा जाता है.

यह मूड को सुधारता है. तनाव कम करने के लिए अपने व्यस्त जीवन से अपने शौक के लिए समय निकालें. यही नहीं, अच्छी नींद का भी ख्याल रखें क्योंकि इससे शरीर और मन को आराम मिलेगा


अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए The Health Master जिम्मेदार नहीं होगा।.


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