AIIMS के Doctors का Diabetes Control करने का दावा: Study

दिल्ली (Delhi) के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों के अध्ययन (AIIMS Study) के अंतरिम नतीजों में यह दावा किया गया है.

403
Lab Laboratory Diabetes Blood sugar
Picture: Pixabay

Last Updated on February 3, 2023 by The Health Master

नई दिल्ली. आयुर्वेदिक औषधि ‘बीजीआर-34’ (BGR-34) के साथ-साथ एलोपैथिक दवा ‘ग्लीबेनक्लामाइड’ का इस्तेमाल मधुमेह (डायबिटीज) को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

दिल्ली (Delhi) के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों के अध्ययन (AIIMS Study) के अंतरिम नतीजों में यह दावा किया गया है.

अध्ययन में कहा गया है कि मधुमेह (Diabetes) से ग्रसित लोगों के अन्य की तुलना में हृदय संबंधी रोग, दूसरी बीमारियों से पीड़ित होने की संभावना दो से चार गुना अधिक होती है, जो C-19 के संक्रमण में आने पर उस व्यक्ति को अधिक जोखिम में डाल सकता है.

जंतु प्रायोगिक अध्ययन के अंतरिम विश्लेषण में डॉक्टरों ने पाया है कि मधुमेह के बढ़ने की गति रोकी जा सकती है, बशर्ते कि हर्बल औषधि बीजीआर-34 के साथ एलोपैथिक दवा भी चलाई जाए.

दरअसल, हर्बल औषधि ‘एंटीऑक्सीडेंट’ के गुण प्रचुर मात्रा में होते हैं जो हानिकारक कोलेस्ट्रॉल (वसा) को हृदय की धमनियों में जमा नहीं होने देता है.



बीजीआर-34 को एलोपैथिक दवा के साथ इस्तेमाल किए जाने पर उसकी प्रभाव क्षमता का पता लगाने के लिए एम्स के डॉक्टरों ने अध्ययन में शामिल लोगों के एक समूह को आयुर्वेदिक औषधि और एलोपैथिक दवा ग्लीबेनक्लामाइड अलग-अलग दी, जबकि दूसरे समूह को दोनों दवाइयां मिला कर दी गई. 

अध्ययन में पाया गया कि दोनों दवाइयों का एक साथ इस्तेमाल करने वाले लोगों का इंसुलिन का स्तर उन लोगों की तुलना में कहीं अधिक बढ़ गया, जिन्हें केवल एलोपैथिक दवा दी गई थी.

हिमालय के ऊपरी क्षेत्र में पाई जाने वाली जड़ी बूटियों- विजयसार, गिलोई, मेथिका आदि के गुणों पर वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की लखनऊ स्थित दो प्रयोगशालाओं में गहन अनुसंधान करने के बाद बीजीआर-34 बनाई गई है.

हाल ही में, तेहरान विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की एक टीम अपने अलग अध्ययन में इस निष्कर्ष पर पहुंची थी कि हर्बल औषधि में एंटीऑक्सीडेंट के गुण होते हैं जो मधुमेह के मरीजों में C-19 के खतरे को कम कर सकते हैं.


स्वास्थ्य सम्बन्धी अन्य आर्टिकल पढने के लिए यहाँ क्लिक करे


YouTube Icon
YouTube Icon
YouTube Icon
YouTube Icon
YouTube Icon
Telegram
WhatsApp
Facebook
LinkedIn
YouTube Icon