Disease X: वैज्ञानिकों ने दी घातक बीमारी की चेतावनी

हम अब एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां नए रोगजनक निकल कर आएंगे।

438
Disease X: वैज्ञानिकों ने दी घातक बीमारी की चेतावनी
Disease X: वैज्ञानिकों ने दी घातक बीमारी की चेतावनी

Last Updated on November 26, 2025 by The Health Master

Disease X

What Is Disease X: साल 1976 में इबोला वायरस की खोज करने में मदद करने वाले वैज्ञानिक ने एक एक अज्ञात संख्या में नए घातक वायरस की चेतावनी दी है। ये नए वायरस मानव जाती के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं, इनमें से एक रोग ‘x’ भी है। 

प्रोफेसर जीन-जाक मुएम्बे टामफम ने कहा, “हम अब एक ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां नए रोगजनक निकल कर आएंगे। प्रोफेसर मुएम्बे ने साल 1976 में इबोला वायरस की खोज में मदद की थी, उन्होंने आगे कहा, ‘और यही मानवता के लिए एक बड़ा ख़तरा है’। 

Disease X

मुएम्बे का ये बयान उस वक्त आया जब एक मरीज़ एक ऐसे रोगजनक से संक्रमित हो गया जिसकी अभी तक कोई पहचान नहीं हुई है, लेकिन उसके लक्षण इबोला वायरस की तरह हैं।

डेमोक्रेटिक रिब्लिक ऑफ द कॉन्गो के एक दूरस्थ शहर में पिछले महीने एक महिला में रक्तस्रावी बुखार के शुरुआती लक्षण दिखने शुरू हुए थे।

इबोला और इसी तरह के लक्षणों वाली अन्य बीमारियों के लिए उस महीला के नमूनों का परीक्षण किया गया था।

जांच में सभी टेस्ट के नतीजे नेगेटिव आए, जिसकी वजह से महिला की बीमारी अब रहस्यमयी बन गई है। 

वैज्ञानिक ऐसा मान रहे हैं कि वह महिला रोग ‘X’ की पहली मरीज़ है, जो इस नए रोगजनक से संक्रमित हुई है।

शोधकर्ताओं का मानना है कि इबोला के 50 से 90 प्रतिशत घातक रेट के साथ रोग ‘X’ C-19 से ज़्यादा संक्रामक हो सकता है। 

आपात स्थिति में रिसर्च और विकास में तेज़ी लाने के लिए साल 2018 में, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपनी वैश्विक योजना प्रकाशित की। जिसके ‘2018 आर एंड डी’ ब्लूप्रिंट में रोग ‘x’ भी शामिल था। 


स्वास्थ्य सम्बन्धी अन्य आर्टिकल पढने के लिए यहाँ क्लिक करे


2018 के आर एंड डी ब्लूप्रिंट ने आर एंड डी के लिए नौ बीमारियों को प्राथमिकता दी जिसमें, C-19, crimean-congo रक्तस्रावी बुखार, इबोला वायरस से होने वाली बीमारियां, मारबर्ग वायरस बीमारी, लासा ज्वर, मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम C-19 वायरस (MERS-CoV) और गंभीर तीक्ष्ण श्वसन लक्षण (SARS), निपाह और हेनीपावायरल बीमारी, रिफ्ट वैली बुखार, ज़ीका और अब सबसे नया रोग ‘X’ शामिल हैं।

इन सभी बीमारियों के लिए न तो कोई प्रभावी दवाई है और न ही वैक्सीन। 

क्या है रोग ‘X’?

यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिज़ीज़ के डायरेक्टर डॉ. एंथनी फॉकी ने बताया कि यहां ‘X’ का मतलब है, अप्रत्याशित है। WHO ने कहा कि यह इस बात का प्रतिनिधित्व करता है कि एक रोगज़नक़ के कारण एक गंभीर अंतरराष्ट्रीय महामारी आने वाले कल में फैल सकती है, जिसके बारे में मानवजाति को अभी तक कोई जानकारी नहीं है। 

मुएम्बे ने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले समय में कई ज़ूनोटिक बीमारियां फैल सकती हैं, जो जानवरों से इंसानों में आई हैं। पीला बुखार, रेबीज़, ब्रूसेलोसिस और लाइम बीमारी जैसी ज़ूनोटिक बीमारियां जानवरों से इंसानों में आई और कुछ देशों या दुनियाभर में महामारी का रूप ले लिया।

वहीं, ख़तरनाक HIV एक तरह के चिंपानज़ी से उभरा और फिर म्यूटेट होकर जानलेवा बन गया। SARS और MERS के साथ SARS-CoV-2 सभी C-19 वायरस हैं, जो अचानक जानवरों से इंसानों में फैलना शुरू हो गए। 

अभी के लिए, बीमारी ‘एक्स’ काल्पनिक है, एक ऐसा प्रकोप जो वैज्ञानिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ के लिए चिंता का गंभीर कारण बन गई है। उन्हें डर है कि ये दुनियाभर में एक गंभीर बीमारी की तरह फैल सकती है। 

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।


YouTube Icon
YouTube Icon
YouTube Icon
YouTube Icon
Telegram
WhatsApp
Facebook
LinkedIn
YouTube Icon