Potassium Deficiency: पोटेशियम की कमी, कभी ना करे नज़रअंदाज: Important

पोटेशियम की कमी से सबसे पहला असर मसल्स यानी कि मांसपेशियों पर ही पड़ता है. इसकी कमी से मांसपेशियों में ऐंठन होना शुरू हो जाती है

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Picture: Flickr

Last Updated on May 14, 2023 by The Health Master

Potassium Deficiency

Potassium Deficiency: शरीर को मजबूत बनाए रखने वाले मिनरल्स में से एक पोटेशियम भी है. जो हमारी मसल्स के मूवमेंट को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है साथ ही नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने में भी पोटेशियम अहम भूमिका अदा करता है.

इसलिए ये जरूरी है कि शरीर में पोटेशियम की मात्रा पर्याप्त बनी रहे. खाने के जरिए शरीर में जाने वाले कार्बोहाइड्रेट्स और प्रोटीन को तोड़ने में भी पोटेशियम की जरूरत होती है. पोटेशियम की मात्रा को शरीर में संतुलित बनाए रखने का काम मुख्यतः किडनी निभाती हैं.

पोटेशियम की कमी से सबसे पहला असर मसल्स यानी कि मांसपेशियों पर ही पड़ता है. इसकी कमी से मांसपेशियों में ऐंठन होना शुरू हो जाती है. ज्यादा थकान होना भी पोटेशियम की कमी की निशानी हो सकता है.

कई मामलों में इस छोटे से मिनरल की कमी से दिल का दौरा पड़ने जैसी गंभीर समस्या तक हो सकती है. ऐसा उन लोगों से होने की संभावनाएं ज्यादा होती हैं जिन्हें पहले से ही हृदय से जुड़ी बड़ी समस्याएं हों.

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Picture: Pixabay

पोटेशियम की कमी के लक्षण | Symptoms Of Potassium Deficiency

पोटेशियम की कमी जाहिर करने वाले लक्षण शुरुआत में बहुत गंभीर नजर नहीं आते. पर धीरे धीरे ये कमी बड़ी मुसीबत बन जाती है. अक्सर थकान लगना या कमजोरी महसूस होने की वजह पोटेशियम की कमी हो सकती है. ये पोटेशियम की कमी का पहला संकेत माना जा सकता है.

– जिन लोगों को पैरों में ज्यादा झुनझुनी आती है उन्हें भी बिना देर किए पोटेशियम रिच फूड अपनी डाइट में शामिल कर लेना चाहिए.

– खून में पोटेशियम की मात्रा कम होने पर मसल्स में मरोड़ या ऐंठन की तकलीफ बढ़ने की संभावनाएं होती हैं.

– बार बार पेशाब आना या बार बार प्यास लगना भी पोटेशियम की कमी का संकेत हो सकता है.

– पोटेशियम की कमी काफी हद तक डाइजेशन भी प्रभावित करती है.

– पोटेशियम की ज्यादा कमी होने पर सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है.

इन कारणों से होती है पोटेशियम की कमी | Potassium Deficiency Occurs Due To These Reasons

पोटेशियम की कमी ज्यादातर तब होती है जब शरीर में पानी की कमी होती है. अक्सर डॉक्टर्स की ये सलाह आपने भी सुनी होगी की बॉडी को हाइड्रेट रखें. हाइड्रेट रखना यानि कि शरीर में पानी की मात्रा बराबर बनाए रखना. जब बॉडी डिहाइड्रेट होगी तब पोटेशियम की कमी भी हो सकती है.

जरूरत से ज्यादा पसीना आने पर, उल्टी दस्त ज्यादा होने पर पोटेशियम की कमी हो सकती है. पोटेशियम का संतुलन बनाए रखने में किडनी अहम है ये हम आपको पहले ही बता चुके हैं. किडनी के फंक्शन से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया के गड़बड़ाने पर शरीर में पोटेशियम का संतुलन बिगड़ सकता है.

पोटेशियम की कमी के दौरान शराब पीना, कुछ एंटीबायोटिक्स का सेवन करना काफी घातक भी साबित हो सकता है. वजन घटाने की सर्जरी के बाद पोटेशियम की कमी होना भी खतरनाक है.

पोटेशियम की कमी से ऐसे बचें

पोटेशियम की कमी से बचने के लिए ये जरूरी है कि डाइट में कुछ खास फल सब्जियों को शामिल किया जाए. केला, सिट्रस फ्रूट्स जिसमें संतरा और मौसम्बी शामिल हैं, सेब, बेर, कीवी, खुबानी जैसे फल. सब्जियों में आलू, टमाटर, पालक, खीरा, बैंगन, कद्दू, गाजर, मटर, ब्रोकली, शकरकंद जैसी सब्जियों को अपने आहार में शामिल करें.

इनके अलावा दूध, दही, सोया प्रोडेक्ट्स, मशरूम, मछली, चिकन भी पोटेशियम की कमी को पूरा करते हैं. इन फूड्स सामाग्रियों के अलावा रोजाना भरपूर पानी पिएं. पानी सिर्फ पोटेशियम ही नहीं और भी कई मिनरल्स की कमी को पूरा करता है. और कोई भी गंभीर लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना न भूलें.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. The Health Master इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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