Last Updated on October 24, 2024 by The Health Master
लंदन. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि कोविड-19 (Covid-19) के खिलाफ ‘हर्ड इम्युनिटी’ विकसित होने में अभी लंबा वक्त लगेगा और टीका आने के बाद ही इसमें तेजी आएगी. कोविड-19 के खिलाफ बड़ी आबादी में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने को ही ‘हर्ड इम्युनिटी’ कहा जाता है.
जिनेवा से विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा शुक्रवार को आयोजित सोशल मीडिया लाइव कार्यक्रम में वैज्ञानिक ने कहा कि नैसर्गिक प्रतिरोधक क्षमता के स्तर पर पहुंचने के लिए संक्रमण के और दौर की जरूरत होगी. इसलिए उन्होंने चेतावनी दी कि कम से कम अगले वर्ष या उसके बाद दुनिया में कोरोना वायरस से निजात पाने में ‘तेजी आएगी’, हालांकि वैज्ञानिक टीका बनाने को लेकर काम कर रहे हैं. इस बीच चिकित्सा से मृत्यु दर कम करने में मदद मिलेगी और लोग जीवन जी सकेंगे.
येँ भी पढ़ें : कोरोना के नकली इंजेक्शन के साथ 2 लोग और गिरफ्तार
स्वामीनाथन ने कहा, ‘हर्ड इम्युनिटी की अवधारणा के लिए आपको 50 से 60 फीसदी आबादी में प्रतिरोधक क्षमता होनी चाहिए ताकि संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सके.’ उन्होंने कहा, ‘टीका से ऐसा करना ज्यादा आसान होगा, हम इसे तेजी से पा सकते हैं, जिसमें लोग बीमार नहीं पड़ें और मरें नहीं. इसलिए हर्ड इम्युनिटी को नैसर्गिक संक्रमण के माध्यम से प्राप्त करना ज्यादा बेहतर है.
संक्रमण के कई चरण आएंगे और दुर्भाग्य से हमें लोगों को मरते देखना पड़ रहा है.’ उन्होंने कहा, ‘कुछ समय में लोगों में प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने लगेगी. हमें कई प्रभावित देशों में हुए अध्ययनों से पता चलता है कि सामान्य तौर पर आबादी के पांच से दस फीसदी में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हुई है. कुछ स्थानों पर यह उससे अधिक है, 20 फीसदी तक.’ उन्होंने कहा, ‘अगर क्लीनिकल परीक्षण सफल होते हैं और इस वर्ष के अंत तक कुछ टीके आ भी जाते हैं तो हमें अरबों खुराक की जरूरत होगी, जिसमें वक्त लगेगा.’








