बना ली है कोरोना की एंटीबॉडी: इजरायल का दावा

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Laboratory
Picture: Pixabay

बना ली है कोरोना की एंटीबॉडी: इजरायल का दावा

अपनी टेक्नोलॉजी के लिए प्रसिद्ध देश इजरायल ने दावा किया है कि उसने कोरोना वायरस की वैक्सीन बना ली है. यह दावा इजरायल के रक्षामंत्री नैफताली बेन्नेट ने किया है. उनका कहा है कि इजरायल इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल रिसर्च (IIBR) ने कोरोना वायरस की एंटीबॉडी विकसित करने में सफलता हासिल कर ली है.

इजरायल के रक्षामंत्री नैफताली बेन्नेट ने यह दावा किया है कि इजरायल के आईआईबीआर संस्थान ने कोरोना वायरस की वैक्सीन विकसित कर ली है. संस्थान ने एंटीबॉडी बना ली है. अब वैक्सीन के विकास का स्टेज पूरा हो चुका है. अब इसके पेटेंट और बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी शुरू हो चुकी है.

IIBR इजरायल का बेहद गुप्त संस्थान है. यहां पर होने वाले प्रयोगों के बारे में बाहरी दुनिया को ज्यादा जानकारियां नहीं मिलती. लेकिन नेस जियोना इलाके में स्थित इस प्रयोगशाला में दौरा करने के बाद नैफताली बेन्नेट ने वैक्सीन बनने की खुशखबरी दुनिया भर के लोगों को दीं. यह खबर टाइम्स ऑफ इजरायल की वेबसाइट समेत कई मीडिया संस्थानों ने की प्रकाशित की है. 

नैफताली बेन्नेट ने बताया कि यह एंटीबॉडी मोनोक्‍लोनल तरीके से कोरोना वायरस पर हमला करती है. बीमार लोगों के शरीर के अंदर ही कोरोना वायरस को खत्म कर देती है. इसके बाद वायरस शरीर के अन्य हिस्सों या दूसरे शख्स में फैल नहीं पाता.

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इजरायल इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल रिसर्च

इजरायल इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल रिसर्च देश के रक्षा मंत्रालय के अधीन आता है. इस लैब ने अब इस वैक्सीन को पेटेंट कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके बाद इसे बड़े पैमाने पर बनाया जाएगा, ताकि दुनिया भर के लोगों को इससे फायदा मिल सके.

बेन्नेट ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके उत्पादन के लिए हम दुनियाभर की कंपनियों से बात करेंगे. मुझे इजरायल इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल रिसर्च की पूरी टीम पर बेहद गर्व है. हालांकि बेन्नेट ने अपने बयान में यह नहीं बताया कि इस वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल या ह्यूमन ट्रायल हुआ है या नहीं.

इजरायल के रक्षामंत्री नैफताली बेन्नेट ने कहा कि इजरायल अपने लोगों की सेहत और इकोनॉमी को संतुलन करने का प्रयास कर रहा है. यह दावा अगर सही है तो कोरोना से कराह रही दुनिया के लिए बड़ी उम्‍मीद होगी.

दुनिया भर में करीब 100 से ज्यादा वैज्ञानिक समूह वैक्सीन बनाने का काम कर रही हैं. ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी सबसे बड़ा इंसानी ट्रायल कर रही है. चीन-अमेरिका में भी इसी काम में लगे हैं. भारत की भी करीब आधा दर्जन कंपनियां कोरोना की वैक्‍सीन बनाने में जुटी हुई हैं.

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